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分类: 战争之王

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B | डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गाजा के नासेर अस्पताल में इजरायली हमले में पांच पत्रकारों सहित 21 लोगों की मौत ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। भारत ने इस हमले को हैरान करने वाला और गहरा अफसोसजनक बताया है।,विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत हमेशा से युद्ध में आम नागरिकों की मौत की निंदा करता रहा है। इस हमले में अल जजीरा के मोहम्मद सलामा, रॉयटर्स के कैमरामैन हुसाम अल-मसरी और फ्रीलांस पत्रकार मारियाम अबु दक्का की जान गई। यह हमला डबल-टैप अटैक था, जिसमें एक के बाद एक दो हमले किए गए।,भारत ने इस घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पत्रकारों की हत्या निंदनीय है। जायसवाल ने बताया कि इजरायली अधिकारियों ने इस हमले की जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसे दुखद भूल करार देते हुए पत्रकारों, मेडिकल स्टाफ और आम नागरिकों के काम को अहम बताया है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह हमला हुआ क्यों और इसके पीछे की वजह क्या थी?,इजरायल की सेना (आईडीएफ) ने दावा किया कि नासेर अस्पताल के परिसर में हमास ने एक सर्विलांस कैमरा लगाया था, जो उनकी गोलानी ब्रिगेड की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। इस कैमरे को नष्ट करने के लिए ड्रोन हमला किया गया। इसके बाद सैनिकों को लगा कि वहां राइफल स्कोप है, जिसे उन्होंने तत्काल खतरा समझा और टैंक से चार गोलों की फायरिंग की। इजरायल का कहना है कि मारे गए 21 लोगों में से 6 आतंकी थे, जिनमें एक वह शख्स भी था, जो 7 अक्टूबर 2023 के हमले में शामिल था।,लेकिन यह दावा कई सवाल खड़े करता है। अल जजीरा के पत्रकार तारिक अबु अज्जौम ने बताया कि इस हमले ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। नासेर अस्पताल में मरीज, पत्रकार और आम लोग डर के साये में हैं। अस्पताल जैसे सुरक्षित स्थान पर हमला, वह भी डबल-टैप तरीके से, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है। पहला हमला इमारत के ऊपरी हिस्से पर हुआ और जब पत्रकार व बचावकर्मी सीढ़ियों पर पहुंचे तो दूसरा हमला हुआ।,यह भी पढ़ें- टैरिफ की वजह से मुसीबत में पड़ गए ट्रंप! भारत के बाद यूरोपीय देशों ने अमेरिका के लिए रोकी डाकसेवा。
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从“全网寻人”到“双向奔赴”今年5月,一段“全国劳模殷玉珍替树‘寻亲’”的视频在全网被转发,殷玉珍希望一个名叫“赛考斯”的美国人能来中国看看。因为在2000年,这位美国人曾为她的治沙事业捐助了5000美元。

C | 得知当年的树苗全已成林,他非常惊喜,并表示会到内蒙古沙漠看看。“赛考斯”回忆,他和殷玉珍的故事源于1999年的洛阳,当时42岁的“赛考斯”通过中美教师交流项目,在洛阳任教。

D | 他看到中央四台有英文节目报道内蒙古毛乌素沙地,殷玉珍和丈夫常年在一线植树,坚持治沙的故事,深受感动。后来,他通过一家基金会,捐资5000美元,助力殷玉珍在毛乌素沙地种下万亩树林。如今,用这笔钱购买栽种的树苗,已长成5万多棵大树。得知“赛考斯”要来,殷玉珍非常高兴,“当年你给的美金,我给你种下一片森林,你啥时候来看一看”“我在沙漠等着你”。

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这段绿色情谊被全网点赞!“赛考斯”被“找到”之后,他在采访中说:“我们都是一家人,中国人和美国人,都是同一个星球上的同胞。”此前,两人线上重逢后,网友们纷纷为跨越国界的善举和情谊点赞。

5月25日的外交部发布会上,发言人毛宁也为他们点赞!
20余载
5000美元
变成了毛乌素沙地的5万多棵大树
也见证了殷玉珍和“赛考斯”
跨越大洋的动人故事
这次全网见证的故地重逢
相信能浇灌出更加美丽的友谊之花制片人丨杨瑾记者丨郑青松 闫影 陈晓东 高鑫 翟昊辰编辑丨魏韫桐
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Published on:20:59:07